होली मनाने का मकसद बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाना है.
होली मनाने का मकसद प्रेम, आनंद, और एकता का जश्न मनाना है.
होली मनाने का मकसद ईश्वर भक्त प्रह्लाद की याद में जश्न मनाना है.
महादेव और कामदेव: माता पार्वती महादेव से विवाह करना चाहती थीं, लेकिन महादेव तपस्या में लीन थे. कामदेव ने महादेव की तपस्या भंग करने के लिए उनपर पुष्प बाण चला दिए थे.
इसके बाद महादेव ने कामदेव को एक बार फिर जीवित कर दिया था.
राधा और कृष्ण: राधा और कृष्ण के प्रेम का प्रतीक मानी जाने वाली होली की शुरुआत बरसाने में हुई थी.
होलिका दहन: होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है.
होलिका ने अपने भाई हिरण्यकश्यप के आदेश पर भक्त प्रह्लाद को जलाने की योजना बनाई थी,
लेकिन आग में जलकर खुद ही भस्म हो गई थी.
होली, बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार है.
इसे ‘रंगों का त्योहार’ भी कहा जाता है.
होली मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं हैं.


