हुमायूँ का मकबरा वर्ष 1570 में निर्मित, हुमायूँ का मकबरा भारतीय उपमहाद्वीप में पहला प्रमुख उद्यान मकबरा है,
जो मुगल वास्तुकला के लिये एक मिसाल कायम करता है,
जिसकी परिणति ताजमहल में हुई।
इसे उनकी पहली पत्नी, महारानी बेगा बेगम ने वर्ष 1569-70 में बनवाया था
और इसे फारसी वास्तुकारों द्वारा डिज़ाइन किया गया था।
इसे वर्ष 1993 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था और इसके जीर्णोद्धार का व्यापक कार्य किया गया है।
ASI और आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर इस स्थल का प्रबंधन करते हैं,
तथा विभिन्न कानूनों के तहत इसके संरक्षण और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हैं।
हुमायूँ के भाई हिंडाल द्वारा विद्रोह तथा कामरान की योजनाओं सहित आंतरिक संघर्षों ने उसकी स्थिति को और कमज़ोर कर दिया।
हुमायूँ पंद्रह वर्ष के लिये निर्वासित हो गया।
इस दौरान, उसने हमीदा बानू बेगम से निकाह किया और उससे उसे एक पुत्र की प्राप्ति हुई जिसका नाम अकबर था ।
हुमायूँ ने फारस के शाह से सहायता मांगी, जो कुछ शर्तों के बदले में उसका समर्थन करने के लिये सहमत हुआ।
फारसी सहायता से हुमायूँ ने वर्ष 1545 में कंधार और काबुल पर कब्ज़ा कर लिया।


