भारतीय संगीत की दुनिया से आई एक खबर ने 16 दिसंबर की सुबह हर किसी की आंखे नम कर दी। पद्म विभूषण तबला वादक जाकिर हुसैन का 73 साल की उम्र में निधन हो गया है। जाकिर हुसैन के निधन से फैंस को गहरा सदमा लगा है। उनके परिवार से मिली जानकारी के अनुसार वो लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे और सैन फ्रैंसिस्को के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनके यूं अचानक चले जाने से हर कोई निराश है। ये सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में कला के लिए एक बड़ी क्षति की तरह है।
तबला के जादूगर उस्ताद जाकिर हुसैन अब हमारे बीच नहीं रहे। अब लोगों की कानों में उनके तबले की मधुर धुन नहीं सुनाई देगी। उन्होंने अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में 73 की उम्र में आखिरी सांस ली। उनकी पिछले काफी समय से तबीयत खराब चल रही थी जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उनका देहांत इंडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस के कारण हुआ है।
तबला वादक जाकिर हुसैन की तबीयत नाजुक है. उनके भांजे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा है कि उस्ताद जाकिर हुसैन की सलामती की दुआ करें. अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के अस्पताल में जाकिर हुसैन का इलाज चल रहा है. एक हफ्ता पहले जाकिर को सैन फ्रैंसिस्को के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
15 दिसंबर, रविवार रात भारत ने एक महान कलाकार को खो दिया. अपने तबले की थाप से दुनियाभर में अपनी जबरदस्त पहचान बनाने वाले और भारत का नाम रोशन करने वाले उस्ताद जाकिर हुसैन अब हमारे बीच नहीं रहे. वे एक प्रख्यात तबला वादक थे. जिन्होंने कई पुरस्कार और ग्रैमी अवॉर्ड्स अपने नाम किए थे. उनके तबले की थाप सुनते ही मन मोहित हो उठता था. हालांकि, उनके निधन की खबर से हर कोई दुखी है और सोशल मीडिया के जरिए उनको अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि दे रहा है.


