एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। रोमांस, कॉमेडी और एक्शन के जरिए धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा के हीरो बन गए और हेमा मालिनी से लेकर मीना कुमारी जैसी दिग्गज हीरोइनों के साथ काम किया। मगर शायद ही आपको पता हो कि उन्हें बतौर रोमांटिक या एक्शन हीरो नहीं, बल्कि खलनायक बनने के बाद सिनेमा जगत में पहचान मिली थी।
दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा के सबसे पसंदीदा अभिनेताओं में से एक हैं। उनकी एक्टिंग स्किल्स और एक्शन सीन्स आज भी चर्चा में रहते हैं, जिन्हें शायद ही कोई भूल सकता है। काफी संघर्षों के बाद उन्होंने अपनी काबिलियत से फिल्मी दुनिया में एक खास पहचान बनाई और बैक-टू-बैक कई हिट फिल्मों की झड़ी लगा दी। अपने करियर में उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर हिट फिल्में दी हैं। ऐसी ही एक फिल्म 1964 में रिलीज हुई ‘आई मिलन की बेला’ जो बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इस फिल्म से धर्मेंद्र ने नेगेटिव रोल में डेब्यू किया था। इस कल्ट क्लासिक फिल्म में विलेन बन वह सारी लाइमलाइट लूट ले गए थे। ये पहली और आखिरी फिल्म थी, जिसमें उन्होंने विलेन की भूमिका निभाई थी। हालांकि, उन्होंने ग्रे शेड के कई किरदार निभाए हैं।
हिंदी सिनेमा जगत के जाने-माने वो दिग्गज अभिनेता जिन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया. लेकिन साल 1975 में उन्होंने एक ऐसी फिल्म में काम किया, जिसने इतिहास रच दिया था. आज भी वो एक्टर हिट फिल्में दे रहे हैं. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उन्होंने अपनी पहली फिल्म के लिए महज 51 रुपए फीस ली थी और उनकी किस्मत विलेन के रोल से चमकी. हालांकि उन्होंने अपने पूरे करियर में सिर्फ एक ही मूवी में खलनायक का किरदार निभाया था.


