सनातन परंपरा में शक्ति की साधना के लिए नवरात्रि के 9 दिनों को बहुत ज्यादा शुभ और पुण्यदायी माना गया है
शक्ति की उपासना का महापर्व चैत्र नवरात्रि आज यानि 30 मार्च से शुरू हो गया है।
रामनवमी तक हर तरफ मैया की भक्ति की बयार बहेगी। नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है।
नवरात्रि की पहले दिन मंदिरों से लेकर घरों में घट स्थापना की जा रही है।
मां के शैलपुत्री रूप को आज पूजा जा रहा है।
मंदिरों में विशेष पूजा, हवन, अनुष्ठान हो रहे हैं।
बड़ी संख्या में भक्त पूरी आस्था के साथ व्रत रखकर मैया को प्रसन्न करने के लिए जतन कर रहे हैं। मंदिरों में जहां सुबह से भीड़ देखने को मिल रही है,
वहीं घरों में मैया के जयकारे लग रहे हैं।
का महापर्व शुरू हो रहा है,
जो रामनवमी तक चलेगा। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है, और इसे खासतौर पर कलश स्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा से शुरू किया जाता है।
इस समय पूजा, जागरण और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है।
इस पर्व में मां का पृथ्वी पर आगमन होता है,
और विशेष मुहूर्त पर पूजा विधि का पालन किया जाता है।
ऐसे में आइए कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त से लेकर पूजा विधि के बारे में जानते हैं…


